Tea Workers’ Salary & Welfare in West Bengal Budget 2026 – कानूनी प्रक्रिया, आवेदन गाइड और समाधान Tea Workers’ Salary Increase and Legal Process in West Bengal Budget 2026 | पश्चिम बंगाल बजट 2026 में चाय मज़दूरों की वेतन वृद्धि 🔍 Introduction | परिचय Tea industry is the backbone of North Bengal and Dooars region. Thousands of families depend on tea gardens for livelihood. Yet, in the West Bengal Budget 2026 , direct salary increment for tea workers was not included. पश्चिम बंगाल के चाय बागान मज़दूरों के लिए यह बजट सामाजिक कल्याण पर केंद्रित रहा, लेकिन सीधी वेतन वृद्धि को शामिल नहीं किया गया। 📊 Why Salary Increase Was Not Included | वेतन वृद्धि क्यों शामिल नहीं हुई Budget Focus: Welfare schemes, education, housing, and health. Legal Limitation: Salary increase is not a budgetary item; it is decided through Tripartite Wage Agreement and Industrial Disputes Act, 1947. Government View: Priority was given to social security and reope...
Tally ERP 9 में सीखे Voucher एंट्री करने का सही तरीका
नमस्ते दोस्तो हम इस ब्लॉग में सीखेंगे वाउचर क्या होती है और कोन्सी ट्रांजैक्शन की एंट्री कोन सी वाउचर में की जाती है
तो आइये जानते हैं Voucher क्या होती है
वाउचर बोल चल की भाषा में प्रमाणक कहा जाता है वाउचर में हम किसी भी लेन देन का रिकॉर्ड हम वाउचर में एंट्री करके रखते हैं
Tally में वाउचर 8 प्रकार की होती है।
1. Contra Voucher (F4)
2. Payment Voucher (F5)
3. Receipt Voucher (F6)
4. Journal Voucher (F7)
5. Sales Voucher (F8)
6. Purchase Voucher (F9)
7. Debit note
8. Credit note
1. Contra Voucher : जिस ट्रांजैक्शन में कैश और बैंक दोनों आते हैं उस ट्रांजैक्शन की एंट्री हम Contra Voucher में करते हैं।
उदाहरण: बैंक में नकद जमा, Cash deposit in Bank.
बैंक से नकद निकासी, Cash withdraw from Bank.
2. Payment Voucher : अगर हमारी कंपनी किसी को भी कैश देती है या फिर अपने उपयोग के लिए कोई भी सामान खरीदती है तो हम उस ट्रांजेक्शन की एंट्री हम Payment Voucher में करते हैं।
3. Receipt Voucher : अगर हमारी कंपनी किसी से भी कैश रिसीव करती है तो हम उस ट्रांजेक्शन का एंट्री Receipt Voucher में करते हैं।
4. Journal Voucher : जिस ट्रांजैक्शन में कैश और बैंक की बात न हो या फिर नहीं आता हो तो उस ट्रांजैक्शन को हम कॉन में एंट्री करते हैं।
उदाहरण: बिजली का बिल प्राप्त हुआ
यहाँ पर हम बिजली का बिल प्राप्त कर रहे हैं यानी कि सिर्फ बिल नकद नहीं
अगर इस प्रकार का लेनदेन हो तो उसका एंट्री जर्नल वाउचर में होगा
5. Sales Voucher : अगर हमारी कंपनी कोई सामान बेचती है तो उस transaction की एंट्री हम Sales वाउचर में एंट्री करेंगे
6. Purchase Voucher :
अगर हमारी कंपनी कोई भी समान खरीदती है तो उसे बेचने के उद्देश्य से तो उस लेनदेन की Entry Purchase वाउचर में करते हैं।
7. Debit note : अगर हमारी कंपनी कोई सामान खरीदती है और सामान में खराबी होने के कारण हम रिटर्न करते हैं तो हम डेबिट नोट में ट्रांजैक्शन की एंट्री करते हैं।
8. Credit note :
अगर हमारी कंपनी दुआरा बेच गई समान अगर ग्राहक सामान में कुछ खराबी के कारण रिटर्न करती है तो उस ट्रांजैक्शन की एंट्री हम क्रेडिट नोट में करते हैं।
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Bahut hi accha hai
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