निपाह वायरस: एक घातक संक्रमण पर विस्तृत जानकारी
निपाह वायरस (Nipah Virus) एक अत्यंत घातक और जानलेवा वायरस है जो मुख्यतः जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। यह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया में पहचाना गया था और तब से यह कई बार भारत सहित अन्य देशों में प्रकोप का कारण बन चुका है।
इतिहास
निपाह वायरस की पहचान सबसे पहले 1998 में मलेशिया के निपाह नामक गांव में हुई थी। यह वायरस मुख्यतः सूअरों और चमगादड़ों से जुड़ा पाया गया। भारत में इसका पहला प्रकोप 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ था, जिसमें कई लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके बाद 2007 में फिर से पश्चिम बंगाल में और 2018 से केरल में नियमित रूप से इसके मामले सामने आए हैं।
प्रसार का तरीका
- फल खाने वाले चमगादड़ (Pteropus species) इस वायरस के प्राकृतिक वाहक होते हैं।
- संक्रमित जानवरों (जैसे सूअर) के संपर्क में आने से यह वायरस मनुष्यों में फैल सकता है।
- संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी यह वायरस फैल सकता है।
- संक्रमित भोजन या पेय (जैसे खजूर का रस) के सेवन से भी संक्रमण संभव है।
लक्षण
निपाह वायरस संक्रमण के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4-14 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं।
- तेज बुखार
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- उल्टी और मतली
- सांस लेने में कठिनाई
- भ्रम, दौरे और बेहोशी
- एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन)
रोकथाम
- फल खाने वाले चमगादड़ों से दूरी बनाए रखें।
- संक्रमित व्यक्तियों से संपर्क से बचें।
- खजूर का रस और अन्य खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- सुरक्षा उपकरणों (PPE) का उपयोग करें, विशेषकर स्वास्थ्यकर्मी।
- हाथों की स्वच्छता बनाए रखें।
उपचार
वर्तमान में निपाह वायरस के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। उपचार मुख्यतः लक्षणों के आधार पर किया जाता है:
- सपोर्टिव केयर (जैसे बुखार और दर्द के लिए दवाएं)
- सांस लेने में सहायता
- गंभीर मामलों में ICU देखभाल
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पश्चिम बंगाल
दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो पुष्ट मामले सामने आए हैं। लगभग 200 संपर्कों की पहचान कर निगरानी की गई, जिनमें से सभी नेगेटिव पाए गए।
केरल
मई से जुलाई 2025 के बीच केरल के दो जिलों में चार पुष्ट मामले सामने आए, जिनमें दो की मृत्यु हो गई। राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संक्रमित क्षेत्रों में निगरानी और परीक्षण बढ़ा दिए।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है और गंभीर बीमारी का कारण बनता है।
Q2: यह वायरस कैसे फैलता है?
यह संक्रमित जानवरों, संक्रमित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।
Q3: क्या इसका कोई इलाज है?
वर्तमान में इसका कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, केवल लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है।
Q4: क्या इससे बचाव संभव है?
हां, उचित सावधानियों और स्वच्छता से इससे बचा जा सकता है।
Q5: क्या यह वायरस भारत में फिर से फैल सकता है?
हां, यह वायरस समय-समय पर भारत के कुछ राज्यों में प्रकोप का कारण बनता रहा है, विशेषकर केरल और पश्चिम बंगाल में।

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